शास्त्र

श्रीमद्भगवद्गीता

भगवद्गीता — “भगवान का गीत” — महाभारत युद्ध से ठीक पहले अर्जुन और श्रीकृष्ण के बीच हुआ 700 श्लोकों का संवाद है। अपने ही परिवार से युद्ध करने के विचार से अर्जुन शोक में डूब जाते हैं; श्रीकृष्ण का उत्तर जीवन जीने की संपूर्ण शिक्षा बन जाता है — बिना चिंता के कर्म कैसे करें, मन को कैसे साधें, और हर वस्तु में ईश्वर को कैसे देखें।

प्रसिद्ध श्लोक

भगवद्गीता 2.47

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन ।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ॥

तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फलों पर कभी नहीं। कर्म के फल को अपना प्रेरक मत बनाओ, और कर्म न करने से भी तुम्हारा लगाव न हो।

अध्याय अनुसार पढ़ें

हर अध्याय में उसका सार और सभी श्लोक संस्कृत तथा हिन्दी अर्थ के साथ दिए गए हैं।

1. अर्जुनविषादयोगअर्जुन का विषाद · 47 श्लोक2. साङ्ख्ययोगसांख्य योग — ज्ञान का योग · 72 श्लोक3. कर्मयोगकर्म योग — कर्म का योग · 43 श्लोक4. ज्ञानकर्मसंन्यासयोगज्ञान-कर्म-संन्यास योग · 42 श्लोक5. कर्मसंन्यासयोगकर्म-संन्यास योग · 29 श्लोक6. ध्यानयोगध्यान योग · 47 श्लोक7. ज्ञानविज्ञानयोगज्ञान-विज्ञान योग · 30 श्लोक8. अक्षरब्रह्मयोगअक्षर ब्रह्म योग · 28 श्लोक9. राजविद्याराजगुह्ययोगराजविद्या राजगुह्य योग · 34 श्लोक10. विभूतियोगविभूति योग · 42 श्लोक11. विश्वरूपदर्शनयोगविश्वरूप दर्शन योग · 55 श्लोक12. भक्तियोगभक्ति योग · 20 श्लोक13. क्षेत्रक्षेत्रज्ञविभागयोगक्षेत्र-क्षेत्रज्ञ विभाग योग · 34 श्लोक14. गुणत्रयविभागयोगगुणत्रय विभाग योग · 27 श्लोक15. पुरुषोत्तमयोगपुरुषोत्तम योग · 20 श्लोक16. दैवासुरसम्पद्विभागयोगदैवासुर संपद विभाग योग · 24 श्लोक17. श्रद्धात्रयविभागयोगश्रद्धात्रय विभाग योग · 28 श्लोक18. मोक्षसंन्यासयोगमोक्ष-संन्यास योग · 78 श्लोक

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2.47कर्मण्येवाधिकारस्ते मा
तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फलों पर कभी नहीं। कर्म के फल को अपना प्रेरक मत बनाओ, और …
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गीता की संरचना

परंपरागत टीकाकार गीता के 18 अध्यायों को छह-छह के तीन भागों में बाँटते हैं। अध्याय 1–6 में कर्मयोग पर, 7–12 में भक्तियोग पर और 13–18 में ज्ञानयोग पर विशेष बल है। तीनों मार्ग एक-दूसरे के पूरक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवद्गीता में कितने अध्याय और श्लोक हैं?

श्रीमद्भगवद्गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। यह महाभारत के भीष्म पर्व के अध्याय 23 से 40 तक का भाग है।

गीता के श्लोक किसने कहे हैं?

गीता में श्रीकृष्ण के 574, अर्जुन के 85, संजय के 40 और धृतराष्ट्र का एक (पहला) श्लोक है। संजय यह संवाद नेत्रहीन राजा धृतराष्ट्र को सुनाते हैं, और महाभारत की रचना महर्षि व्यास को मानी जाती है।

गीता का मुख्य संदेश क्या है?

फल की आसक्ति छोड़कर अपना कर्तव्य करो, सब प्राणियों में एक ही परमात्मा को देखो, और अपना जीवन भक्ति के साथ भगवान को अर्पित करो। गीता कर्म, ज्ञान और भक्ति — तीनों मार्गों को जोड़ती है।

संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद और अध्याय-सार हमारे अपने हैं।