भक्ति
स्तोत्र, चालीसा और आरती
पारंपरिक स्तोत्र, चालीसा और आरती देवनागरी में, हर पद के सरल हिन्दी अर्थ के साथ। हर पाठ में अक्षर का आकार बदलने और पाठ गिनने की सुविधा है।
हनुमान चालीसा
हनुमान चालीसा हनुमान जी की स्तुति में चालीस चौपाइयों का भजन है, जिसके आरंभ और अंत में दोहे हैं।
स्तोत्रनिर्वाण षट्कम्
निर्वाण षट्कम् — अर्थात् “मुक्ति पर छह श्लोक” — आदि शंकराचार्य की रचना मानी जाती है।
स्तोत्रलिंगाष्टकम्
लिंगाष्टकम् शिवलिंग की स्तुति में आठ श्लोकों (अष्टक) का स्तोत्र है।
स्तोत्रशिव पंचाक्षर स्तोत्र
शिव पंचाक्षर स्तोत्र में “न-मः-शि-वा-य” मंत्र के पाँच अक्षरों के माध्यम से शिवजी की स्तुति की गई है।
स्तोत्रमधुराष्टकम्
मधुराष्टकम् — अर्थात् “माधुर्य पर आठ श्लोक” — श्री वल्लभाचार्य की रचना है।
आरतीओम जय जगदीश हरे
“ओम जय जगदीश हरे” उत्तर भारत की सबसे प्रसिद्ध आरती है।
आरतीगणेश आरती — जय गणेश देवा
“जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा” गणेश जी की सबसे लोकप्रिय हिंदी आरती है।
आरतीहनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
“आरती कीजै हनुमान लला की” हनुमान जी की सबसे प्रसिद्ध आरती है, जो प्रायः हनुमान चालीसा के बाद गाई जाती है।
आरतीशिव आरती — ओम जय शिव ओंकारा
“ओम जय शिव ओंकारा” उत्तर भारत में शिवजी की सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती है।
आरतीदुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
“जय अम्बे गौरी” माँ दुर्गा की सबसे लोकप्रिय आरती है, जो नवरात्रि में हर शाम गाई जाती है।
आरतीलक्ष्मी आरती — ओम जय लक्ष्मी माता
“ओम जय लक्ष्मी माता” दीवाली की लक्ष्मी पूजा और शुक्रवार को गाई जाने वाली आरती है।
स्तुतिश्री रामचंद्र कृपालु भजु मन
“श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन” तुलसीदास जी की विनय पत्रिका से श्रीराम की स्तुति है।
स्तोत्रसरस्वती वंदना — या कुन्देन्दुतुषारहारधवला
“या कुन्देन्दुतुषारहारधवला” ज्ञान, संगीत और वाणी की देवी माँ सरस्वती की प्रसिद्ध संस्कृत प्रार्थना है।
श्लोकदैनिक प्रार्थना श्लोक
हिंदू घरों में दिन भर बोले जाने वाले छोटे संस्कृत श्लोक — जागने पर, पढ़ाई से पहले, भोजन से पहले, दीपक जलाते समय और प्रार्थना के अंत में।