वृश्चिक राशि · स्वामी मंगल
वृश्चिक राशिफल 2027
वर्ष 2027 का राशिफल
2027 में गुरु: विकास और अवसर
1 जनवरी – 25 जनवरी: गुरु सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में। चंद्र राशि से दसवें भाव में गुरु होने से करियर के मामले व्यस्त होते हैं और नई ज़िम्मेदारियाँ आ सकती हैं। लक्ष्य यथार्थवादी और काम स्थिर रखने से यह सक्रियता स्थायी प्रगति में बदलती है।
25 जनवरी – 26 जून: गुरु कर्क राशि में, आपके नौवें भाव में। चंद्र राशि से नौवें भाव में गुरु शास्त्रीय रूप से आशीर्वाद भरा गोचर है, जो सौभाग्य, ज्ञानी मार्गदर्शकों, यात्रा और उच्च शिक्षा से जुड़ा है। अपने मार्ग में आस्था और दूसरों के प्रति उदारता का परंपरा में अच्छा फल मिलता है।
26 जून – 26 नवंबर: गुरु सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में। चंद्र राशि से दसवें भाव में गुरु होने से करियर के मामले व्यस्त होते हैं और नई ज़िम्मेदारियाँ आ सकती हैं। लक्ष्य यथार्थवादी और काम स्थिर रखने से यह सक्रियता स्थायी प्रगति में बदलती है।
26 नवंबर – 1 जनवरी: गुरु कन्या राशि में, आपके ग्यारहवें भाव में। चंद्र राशि से ग्यारहवें भाव में गुरु परंपरा के सबसे शुभ गोचरों में से एक है, जो लाभ, मित्रता और इच्छापूर्ति में सहायक है। संपर्क बढ़ाना और टीमवर्क विशेष रूप से फलदायी हो सकते हैं।
2027 में शनि: ज़िम्मेदारी और सीख
1 जनवरी – 3 जून: शनि मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में। चंद्र राशि से पाँचवें भाव में शनि रचनात्मक काम, पढ़ाई और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य माँगते हैं। धीमी, सावधान सोच और यथार्थवादी योजनाएँ सट्टे से कहीं बेहतर काम आती हैं।
3 जून – 20 अक्टूबर: शनि मेष राशि में, आपके छठे भाव में। चंद्र राशि से छठे भाव में शनि परंपरा में शुभ हैं, जो बाधाओं पर विजय, स्वास्थ्य की आदतें सुधारने और प्रतिस्पर्धा को संयम से सँभालने में मदद करते हैं। अनुशासित दिनचर्या उल्लेखनीय सुधार ला सकती है।
20 अक्टूबर – 1 जनवरी: शनि मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में। चंद्र राशि से पाँचवें भाव में शनि रचनात्मक काम, पढ़ाई और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य माँगते हैं। धीमी, सावधान सोच और यथार्थवादी योजनाएँ सट्टे से कहीं बेहतर काम आती हैं।
इस समय शनि आपकी चंद्र राशि से साढ़ेसाती नहीं बना रहे हैं। इस वर्ष उनका प्रभाव इस बात से समझा जाता है कि वे आपकी चंद्र राशि से किस भाव में हैं।
2027 में राहु और केतु
राहु–केतु मकर / कर्क राशि में, आपके तीसरे / नौवें भाव में। चंद्र राशि से तीसरे भाव में राहु, जो परंपरा में शुभ स्थान है, साहस, संवाद और पहल को बढ़ा सकते हैं, जबकि नौवें भाव में केतु विरासत में मिली मान्यताओं पर प्रश्न करने का निमंत्रण देते हैं।
महीने-दर-महीने
| महीना | कुल मिलाकर | प्रेम | करियर | धन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| फ़रवरी | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| मार्च | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| अप्रैल | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| मई | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| जून | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| जुलाई | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| अगस्त | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| सितंबर | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| अक्टूबर | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| नवंबर | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
| दिसंबर | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ | ★★★★★ |
2027 के ग्रहण और प्रमुख गोचर
| 25 जनवरी | गुरु का कर्क राशि में प्रवेश गुरु आपके नौवें भाव में प्रवेश करते हैं और भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं। |
| 6 फ़रवरी | वलयाकार सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण आपके तीसरे भाव में पड़ रहा है, जो साहस, भाई-बहन और कौशल को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है। |
| 21 फ़रवरी | उपच्छाया चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण आपके दसवें भाव में पड़ रहा है, जो करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है। |
| 13 अप्रैल | गुरु मार्गी कर्क राशि में, आपके नौवें भाव में: गुरु मार्गी हो रहे हैं, और विकास के अवसर तथा अच्छा मार्गदर्शन फिर से खुलने लगते हैं। |
| 3 जून | शनि का मेष राशि में प्रवेश शनि आपके छठे भाव में प्रवेश करते हैं और कामकाज की दिनचर्या, स्वास्थ्य और सेवा पर धैर्यपूर्ण, स्थायी काम का निमंत्रण देते हैं। |
| 26 जून | गुरु का सिंह राशि में प्रवेश गुरु आपके दसवें भाव में प्रवेश करते हैं और करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं। |
| 18 जुलाई | उपच्छाया चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण आपके तीसरे भाव में पड़ रहा है, जो साहस, भाई-बहन और कौशल में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है। |
| 2 अगस्त | पूर्ण सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण आपके नौवें भाव में पड़ रहा है, जो भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है। |
| 9 अगस्त | शनि वक्री मेष राशि में, आपके छठे भाव में: शनि वक्री हो रहे हैं, जो परंपरा में ज़िम्मेदारियों पर फिर से ध्यान देने और धैर्य से नींव मज़बूत करने का समय है। |
| 17 अगस्त | उपच्छाया चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण आपके तीसरे भाव में पड़ रहा है, जो साहस, भाई-बहन और कौशल में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है। |
| 20 अक्टूबर | शनि का मीन राशि में प्रवेश शनि आपके पाँचवें भाव में प्रवेश करते हैं और रचनात्मकता, संतान और विद्या पर धैर्यपूर्ण, स्थायी काम का निमंत्रण देते हैं। |
| 26 नवंबर | गुरु का कन्या राशि में प्रवेश गुरु आपके ग्यारहवें भाव में प्रवेश करते हैं और लाभ, मित्र और पुरानी आशाओं में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं। |
| 24 दिसंबर | शनि मार्गी मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में: शनि मार्गी हो रहे हैं, और दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं पर स्थिर प्रगति फिर से आसान हो जाती है। |
चंद्र राशि के रूप में वृश्चिक
वृश्चिक राशि में चंद्रमा आपको गहन, निजी और अत्यंत वफ़ादार भावनाएँ देता है। आप विश्वास को लगभग हर चीज़ से ऊपर रखते हैं, और आपकी भावनात्मक दृढ़ता व अंतर्दृष्टि अधिकतर लोगों की सोच से कहीं गहरी होती है।
यह राशिफल कैसे बनता है
यह चंद्र राशि पर आधारित राशिफल है, जैसा भारत में प्रचलित है — पश्चिमी सूर्य राशि वाला नहीं। ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र) को आपकी चंद्र राशि से भावों में गिनकर, गोचर के शास्त्रीय नियमों से इसकी गणना की जाती है। दिन का स्वर चंद्रमा का भाव तय करता है; सप्ताह और महीने पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल का असर होता है; और वर्ष को गुरु, शनि तथा राहु–केतु आकार देते हैं। समय भारतीय समयानुसार और पंचांग नई दिल्ली का है।
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