वृश्चिक राशि · स्वामी मंगल

वृश्चिक राशिफल 2026

वर्ष 2026 का राशिफल

सबसे अच्छे महीनेअगस्त, सितंबर, अक्टूबर
प्रेम के लिएजनवरी, सितंबर, अक्टूबर
करियर के लिएजनवरी, फ़रवरी, सितंबर
धन के लिएजून, सितंबर, अक्टूबर

2026 में गुरु: विकास और अवसर

1 जनवरी – 2 जून: गुरु मिथुन राशि में, आपके आठवें भाव में। जब गुरु चंद्र राशि से आठवें भाव से गुज़रते हैं, तो ज़ोर आंतरिक विकास, शोध और साझा वित्त की सावधान समीक्षा पर आ जाता है। यह साहसिक विस्तार से अधिक शांत अध्ययन और विचारशील योजना के लिए उपयुक्त है।

2 जून – 31 अक्टूबर: गुरु कर्क राशि में, आपके नौवें भाव में। चंद्र राशि से नौवें भाव में गुरु शास्त्रीय रूप से आशीर्वाद भरा गोचर है, जो सौभाग्य, ज्ञानी मार्गदर्शकों, यात्रा और उच्च शिक्षा से जुड़ा है। अपने मार्ग में आस्था और दूसरों के प्रति उदारता का परंपरा में अच्छा फल मिलता है।

31 अक्टूबर – 1 जनवरी: गुरु सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में। चंद्र राशि से दसवें भाव में गुरु होने से करियर के मामले व्यस्त होते हैं और नई ज़िम्मेदारियाँ आ सकती हैं। लक्ष्य यथार्थवादी और काम स्थिर रखने से यह सक्रियता स्थायी प्रगति में बदलती है।

2026 में शनि: ज़िम्मेदारी और सीख

शनि मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में। चंद्र राशि से पाँचवें भाव में शनि रचनात्मक काम, पढ़ाई और संतान से जुड़े मामलों में धैर्य माँगते हैं। धीमी, सावधान सोच और यथार्थवादी योजनाएँ सट्टे से कहीं बेहतर काम आती हैं।

इस समय शनि आपकी चंद्र राशि से साढ़ेसाती नहीं बना रहे हैं। इस वर्ष उनका प्रभाव इस बात से समझा जाता है कि वे आपकी चंद्र राशि से किस भाव में हैं।

2026 में राहु और केतु

1 जनवरी – 5 दिसंबर: राहु–केतु कुंभ / सिंह राशि में, आपके चौथे / दसवें भाव में। चौथे भाव में राहु और दसवें में केतु घरेलू जीवन को लेकर बेचैनी जगा सकते हैं, साथ ही यह सोचने को प्रेरित करते हैं कि करियर में सफलता का सच्चा अर्थ क्या है।

5 दिसंबर – 1 जनवरी: राहु–केतु मकर / कर्क राशि में, आपके तीसरे / नौवें भाव में। चंद्र राशि से तीसरे भाव में राहु, जो परंपरा में शुभ स्थान है, साहस, संवाद और पहल को बढ़ा सकते हैं, जबकि नौवें भाव में केतु विरासत में मिली मान्यताओं पर प्रश्न करने का निमंत्रण देते हैं।

महीने-दर-महीने

महीनाकुल मिलाकरप्रेमकरियरधन
जनवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
फ़रवरी★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मार्च★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अप्रैल★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
मई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जून★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
जुलाई★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अगस्त★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
सितंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
अक्टूबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
नवंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★
दिसंबर★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★

2026 के ग्रहण और प्रमुख गोचर

17 फ़रवरीवलयाकार सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके चौथे भाव में पड़ रहा है, जो घर, माता और मन की शांति को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
3 मार्चपूर्ण चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके दसवें भाव में पड़ रहा है, जो करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
11 मार्चगुरु मार्गी
मिथुन राशि में, आपके आठवें भाव में: गुरु मार्गी हो रहे हैं, और विकास के अवसर तथा अच्छा मार्गदर्शन फिर से खुलने लगते हैं।
2 जूनगुरु का कर्क राशि में प्रवेश
गुरु आपके नौवें भाव में प्रवेश करते हैं और भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
27 जुलाईशनि वक्री
मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में: शनि वक्री हो रहे हैं, जो परंपरा में ज़िम्मेदारियों पर फिर से ध्यान देने और धैर्य से नींव मज़बूत करने का समय है।
12 अगस्तपूर्ण सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण आपके नौवें भाव में पड़ रहा है, जो भाग्य, गुरुजन और उच्च शिक्षा को लेकर शांत संकल्प लेने का चिंतनशील क्षण है।
28 अगस्तआंशिक चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण आपके चौथे भाव में पड़ रहा है, जो घर, माता और मन की शांति में अनुपयोगी हो चुकी बातों को छोड़ने का सौम्य निमंत्रण है।
31 अक्टूबरगुरु का सिंह राशि में प्रवेश
गुरु आपके दसवें भाव में प्रवेश करते हैं और करियर, प्रतिष्ठा और ज़िम्मेदारी में विकास का एक लंबा दौर खोलते हैं।
5 दिसंबरराहु का मकर राशि में प्रवेश
राहु आपके तीसरे भाव में प्रवेश करते हैं और साहस, भाई-बहन और कौशल को लेकर नई महत्वाकांक्षाएँ व जिज्ञासा जगाते हैं।
11 दिसंबरशनि मार्गी
मीन राशि में, आपके पाँचवें भाव में: शनि मार्गी हो रहे हैं, और दीर्घकालिक प्रतिबद्धताओं पर स्थिर प्रगति फिर से आसान हो जाती है।
13 दिसंबरगुरु वक्री
सिंह राशि में, आपके दसवें भाव में: गुरु वक्री हो रहे हैं, जो आंतरिक विकास, अध्ययन और अपनी मान्यताओं व दीर्घकालिक योजनाओं पर नए सिरे से दृष्टि डालने को प्रेरित करते हैं।

चंद्र राशि के रूप में वृश्चिक

वृश्चिक राशि में चंद्रमा आपको गहन, निजी और अत्यंत वफ़ादार भावनाएँ देता है। आप विश्वास को लगभग हर चीज़ से ऊपर रखते हैं, और आपकी भावनात्मक दृढ़ता व अंतर्दृष्टि अधिकतर लोगों की सोच से कहीं गहरी होती है।

यह राशिफल कैसे बनता है

यह चंद्र राशि पर आधारित राशिफल है, जैसा भारत में प्रचलित है — पश्चिमी सूर्य राशि वाला नहीं। ग्रहों की वास्तविक स्थिति (लाहिड़ी अयनांश, निरयन राशिचक्र) को आपकी चंद्र राशि से भावों में गिनकर, गोचर के शास्त्रीय नियमों से इसकी गणना की जाती है। दिन का स्वर चंद्रमा का भाव तय करता है; सप्ताह और महीने पर सूर्य, बुध, शुक्र और मंगल का असर होता है; और वर्ष को गुरु, शनि तथा राहु–केतु आकार देते हैं। समय भारतीय समयानुसार और पंचांग नई दिल्ली का है।

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