भगवद्गीता · अध्याय 1, श्लोक 28 · अर्जुन

भगवद्गीता 1.28 · कृपया परयाविष्टो

कृपया परयाविष्टो विषीदन्निदमब्रवीत् ।
दृष्ट्वेमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम् ॥

kṛpayā parayāviṣṭo viṣīdannidamabravīt |
dṛṣṭvemaṃ svajanaṃ kṛṣṇa yuyutsuṃ samupasthitam ||

हिन्दी अनुवाद

— गहरी करुणा से भर गए और शोक में डूबकर बोले। अर्जुन बोले: हे कृष्ण, युद्ध की इच्छा से सामने खड़े अपने ही लोगों को देखकर —

प्रसंग

यह श्लोक अर्जुन ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है। इस अध्याय में 47 श्लोक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवद्गीता 1.28 का अर्थ क्या है?

— गहरी करुणा से भर गए और शोक में डूबकर बोले। अर्जुन बोले: हे कृष्ण, युद्ध की इच्छा से सामने खड़े अपने ही लोगों को देखकर —

भगवद्गीता 1.28 किसने कहा है?

यह श्लोक अर्जुन ने अध्याय 1, अर्जुनविषादयोग (अर्जुन का विषाद) में कहा है।

संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।