भगवद्गीता · अध्याय 4, श्लोक 4 · अर्जुन
भगवद्गीता 4.4 · अपरं भवतो जन्म परं जन्म
अपरं भवतो जन्म परं जन्म विवस्वतः ।
कथमेतद्विजानीयां त्वमादौ प्रोक्तवानिति ॥
aparaṃ bhavato janma paraṃ janma vivasvataḥ |
kathametadvijānīyāṃ tvamādau proktavāniti ||
हिन्दी अनुवाद
अर्जुन बोले: आपका जन्म तो बाद में हुआ और विवस्वान का जन्म बहुत पहले। फिर मैं यह कैसे समझूँ कि आरंभ में आपने ही उन्हें यह बताया था?
प्रसंग
यह श्लोक अर्जुन ने अध्याय 4, ज्ञानकर्मसंन्यासयोग (ज्ञान-कर्म-संन्यास योग) में कहा है। इस अध्याय में 42 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 4.4 का अर्थ क्या है?
अर्जुन बोले: आपका जन्म तो बाद में हुआ और विवस्वान का जन्म बहुत पहले। फिर मैं यह कैसे समझूँ कि आरंभ में आपने ही उन्हें यह बताया था?
भगवद्गीता 4.4 किसने कहा है?
यह श्लोक अर्जुन ने अध्याय 4, ज्ञानकर्मसंन्यासयोग (ज्ञान-कर्म-संन्यास योग) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।