भगवद्गीता · अध्याय 18, श्लोक 13 · श्रीकृष्ण

भगवद्गीता 18.13 · पञ्चैतानि महाबाहो निबोध

पञ्चैतानि महाबाहो कारणानि निबोध मे ।
सांख्ये कृतान्ते प्रोक्तानि सिद्धये सर्वकर्मणाम् ॥

pañcaitāni mahābāho kāraṇāni nibodha me |
sāṃkhye kṛtānte proktāni siddhaye sarvakarmaṇām ||

हिन्दी अनुवाद

हे महाबाहो, सब कर्मों की सिद्धि के ये पाँच कारण मुझसे जानो, जो कर्म का अन्त बताने वाले सांख्य सिद्धान्त में कहे गए हैं —

प्रसंग

यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अध्याय 18, मोक्षसंन्यासयोग (मोक्ष-संन्यास योग) में कहा है। इस अध्याय में 78 श्लोक हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवद्गीता 18.13 का अर्थ क्या है?

हे महाबाहो, सब कर्मों की सिद्धि के ये पाँच कारण मुझसे जानो, जो कर्म का अन्त बताने वाले सांख्य सिद्धान्त में कहे गए हैं —

भगवद्गीता 18.13 किसने कहा है?

यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अध्याय 18, मोक्षसंन्यासयोग (मोक्ष-संन्यास योग) में कहा है।

संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।