त्योहार
कृष्ण जन्माष्टमी
जन्माष्टमी श्रावण कृष्ण अष्टमी (उत्तर भारत में भाद्रपद) की आधी रात को श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव है। स्मार्त और वैष्णव (इस्कॉन) परंपराएँ कभी-कभी इसे लगातार दो दिनों में मनाती हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि
| 2026 | |
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| 2027 |
तिथियाँ नई दिल्ली के अनुसार हैं। अपने शहर की तारीख और तिथि का समय देखने के लिए English पेज पर अपना शहर चुनें।
अन्य नाम: गोकुलाष्टमी, जन्माष्टमी।
कथा और महत्व
श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में कंस के कारागार में देवकी और वसुदेव के घर हुआ। वसुदेव नवजात शिशु को उफनती यमुना पार कर गोकुल में नंद और यशोदा के पास सुरक्षित पहुँचा आए।
कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाया जाता है
- आधी रात तक व्रत, जब आरती, शंखनाद और घंटियों के साथ जन्म का उत्सव मनाया जाता है
- बाल कृष्ण की छोटी प्रतिमा को स्नान कराना, सजाना और पालने में झुलाना
- भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन (रासलीला)
- अगले दिन महाराष्ट्र में दही हांडी, जिसमें मानव पिरामिड बनाकर सड़क के ऊपर ऊँचाई पर टँगी दही की मटकी फोड़ी जाती है
इस दिन पढ़ें: मधुराष्टकम्
पूजा कैसे करें: जन्माष्टमी पूजा विधि (आधी रात की कृष्ण पूजा) — चरण-दर-चरण विधि, सामग्री सूची और मुहूर्त।
परंपराएँ क्षेत्र, समुदाय और परिवार के अनुसार अलग-अलग होती हैं। पूजा और समय के लिए अपने कुल-पुरोहित या स्थानीय मंदिर का मार्गदर्शन लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 कब है?
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
कृष्ण जन्माष्टमी 2027 कब है?
कृष्ण जन्माष्टमी 2027 में मंगलवार, 24 अगस्त 2027 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
कृष्ण जन्माष्टमी की तारीख हर साल क्यों बदलती है?
कृष्ण जन्माष्टमी चंद्र पंचांग से तय होता है (श्रावण कृष्ण अष्टमी), अंग्रेज़ी कैलेंडर से नहीं। चंद्र मास सौर वर्ष से छोटे होते हैं, इसलिए इसकी तारीख हर साल कुछ दिन या हफ़्ते आगे-पीछे हो जाती है।
क्या भारत और विदेश में कृष्ण जन्माष्टमी की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। त्योहार उस तिथि से तय होता है जो आपके स्थान पर सूर्योदय, मध्याह्न या रात्रि के किसी विशेष समय पर रहती है, इसलिए अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में तारीख भारत से एक दिन अलग हो सकती है।