भगवद्गीता · अध्याय 7, श्लोक 26 · श्रीकृष्ण
भगवद्गीता 7.26 · वेदाहं समतीतानि चार्जुन
वेदाहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन ।
भविष्याणि च भूतानि मां तु वेद न कश्चन ॥
vedāhaṃ samatītāni vartamānāni cārjuna |
bhaviṣyāṇi ca bhūtāni māṃ tu veda na kaścana ||
हिन्दी अनुवाद
हे अर्जुन, जो प्राणी बीत चुके हैं, जो अभी हैं और जो आगे होंगे — उन सबको मैं जानता हूँ; पर मुझे कोई नहीं जानता।
प्रसंग
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है। इस अध्याय में 30 श्लोक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवद्गीता 7.26 का अर्थ क्या है?
हे अर्जुन, जो प्राणी बीत चुके हैं, जो अभी हैं और जो आगे होंगे — उन सबको मैं जानता हूँ; पर मुझे कोई नहीं जानता।
भगवद्गीता 7.26 किसने कहा है?
यह श्लोक श्रीकृष्ण ने अर्जुन से अध्याय 7, ज्ञानविज्ञानयोग (ज्ञान-विज्ञान योग) में कहा है।
संस्कृत पाठ पारंपरिक है और सार्वजनिक डोमेन में है। हिन्दी अनुवाद हमारा अपना है।