त्योहार
कार्तिक पूर्णिमा
पवित्र कार्तिक मास का समापन करने वाली पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा, स्नान और दीपदान के लिए सबसे पवित्र दिनों में से एक है।
कार्तिक पूर्णिमा की तिथि
| 2026 | |
|---|---|
| 2027 |
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अन्य नाम: देव दीपावली (वाराणसी), त्रिपुरी पूर्णिमा, गुरु नानक जयंती (अक्सर इसी दिन)।
कथा और महत्व
कहा जाता है कि इसी दिन शिव ने तीन असुर नगरों (त्रिपुर) का संहार किया, और देवताओं ने दीप जलाकर उत्सव मनाया — देव दीपावली, यानी “देवताओं की दीवाली”। विष्णु का मत्स्य अवतार भी इसी पूर्णिमा से जुड़ा माना जाता है।
कार्तिक पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है
- भोर में गंगा या पुष्कर सरोवर में पवित्र स्नान
- देव दीपावली के लिए वाराणसी के घाटों पर दीप जलाना
- नदियों में दीपदान
- राजस्थान में पुष्कर मेला
परंपराएँ क्षेत्र, समुदाय और परिवार के अनुसार अलग-अलग होती हैं। पूजा और समय के लिए अपने कुल-पुरोहित या स्थानीय मंदिर का मार्गदर्शन लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2026 में मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
कार्तिक पूर्णिमा 2027 कब है?
कार्तिक पूर्णिमा 2027 में रविवार, 14 नवंबर 2027 को है (नई दिल्ली के अनुसार)।
कार्तिक पूर्णिमा की तारीख हर साल क्यों बदलती है?
कार्तिक पूर्णिमा चंद्र पंचांग से तय होता है (कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा), अंग्रेज़ी कैलेंडर से नहीं। चंद्र मास सौर वर्ष से छोटे होते हैं, इसलिए इसकी तारीख हर साल कुछ दिन या हफ़्ते आगे-पीछे हो जाती है।
क्या भारत और विदेश में कार्तिक पूर्णिमा की तारीख अलग हो सकती है?
हाँ। त्योहार उस तिथि से तय होता है जो आपके स्थान पर सूर्योदय, मध्याह्न या रात्रि के किसी विशेष समय पर रहती है, इसलिए अमेरिका, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में तारीख भारत से एक दिन अलग हो सकती है।